UPSC short notes in hindi | यूपीएससी शॉर्ट नोट, 2021.

 UPSC short notes in hindi 




यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल सर्विस परीक्षा भारत के सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है, यहां आपको 3 स्तर से गुजर कर इस परीक्षा को उत्तीर्ण करना होता है.
सिविल सर्विस परीक्षा के लिए यूपीएससी शुरुआत में प्रारंभिक परीक्षा (prelims) फिर मुख्य परीक्षा (mains) और फिर अंत में पर्सनालिटी टेस्ट लेते हैं और फिर उसके बाद मेरिट लिस्ट जारी की जाती है.

सिविल सर्विस परीक्षा के सिलेबस काफी ज्यादा होते हैं यानी आपके दैनिक जीवन के लगभग सभी सिरों को इसमें जोड़ा गया. सामान्य अध्ययन के चौथे पेपर यानी नीति शास्त्र मैं आपके डिसीजन मेकिंग एबिलिटी को चेक किया जाता है और इससे जुड़े खास सवाल ही अधिकतर पर्सनैलिटी टेस्ट  पूछे जाते हैं.

हाल ही में यूपीएससी ने सिविल सर्विस परीक्षा 2021 के लिए प्रारंभिक परीक्षा 10 अक्टूबर 2021 को आयोजित किया है, और इसके मुख्य परीक्षा जनवरी 2022 में आयोजित की जाएगी.
ऐसे में हमने इस पोस्ट के माध्यम से आपके लिए कोई जरूरी शॉर्ट नोट्स को प्रकाशित किया है ताकि आपके मुख्य परीक्षा की तैयारी में मदद मिल सके.

ए शॉर्ट नोट आपके upsc mains exam 2021, और साथ में upsc prelims exam 2022 दोनों के लिए काफी महत्वपूर्ण होगा. यूपीएससी ने 2022 के लिए भी अपने वार्षिक कैलेंडर अपने आधिकारिक वेबसाइट पर रिलीज कर दिया है. इसके बारे में भी हमने अपने ब्लॉग पर एक विस्तार पूर्वक लेख प्रकाशित किया है.

चलिए इस पोस्ट को शुरू करते हैं…..

Upsc short notes in hindi


UPSC short notes in hindi kya hai?


यूपीएससी प्रत्येक वर्ष कुछ ना कुछ ऐसा प्रश्न पूछते हैं जो आपके सिलेबस से हटकर विश्व भर में घट रहे कुछ घटनाएं, वैज्ञानिक खोज, कार्यक्रम से जुड़े होते हैं लेकिन इन सभी के बारे में डिटेल में पढ़ना मुमकिन नहीं होता. ऐसे में सभी कोचिंग संस्थाएं इन सभी के बारे में एक शॉर्ट नोट तैयार करते हैं यही upsc short notes in hindi होते हैं जो आपके सिलेबस के अनुसार इन सभी चीजों के बारे में भी cover करते हैं.

इस पोस्ट के माध्यम से हम 3 प्रमुख शॉर्ट नोट के बारे में जानेंगे जो आपके आने वाले यूपीएससी मुख्य परीक्षा 2021 के लिए काफी महत्वपूर्ण है.


1. फाइबर रिइंफोर्सड प्लास्टिक (FRPs)


फाइबर रिइंफोर्सड प्लास्टिक कंपोजिट मैटेरियल मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज के लिए एक नई खोज साबित हुई है. फाइबर बहुलक से बनी एक मिश्रित सामग्री होती है. वैकल्पिक रूप में इसका प्रयोग स्टील,लकड़ी, एलुमिनियम, और कंक्रीट जैसे चीजों के स्थान पर किया जा सकता है. बैकेलाइट को पहला फाइबर रिइंफोर्सड प्लास्टिक के रूप में जाना जाता है.

फाइबर रिइंफोर्सड प्लास्टिक के लाभ:- 

1. यह अन्य धातुओं की तुलना में काफी हल्का होता है.

2. फाइबर रिइंफोर्सड प्लास्टिक अधिकतर वॉटर रेजिस्टेंट और corrosion resistant होते हैं

3. इनके रखरखाव के खर्चा भी काफी कम होते हैं.
4. नमी, कवक, और जीवाणु के लिए अभेद्य होता है, और बाद में फिर से इसे प्रयोग में लाया जा सकता है.

फाइबर रिइंफोर्सड प्लास्टिक का प्रयोग:- 

फाइबर रिइंफोर्सड प्लास्टिक का प्रयोग विनिर्माण क्षेत्र, ऊर्जा क्षेत्र, एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल अन्य औद्योगिक क्षेत्र में इसका प्रयोग किया जाता है.


2. National clean air programs (NCAP):- 


राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम इन दिनों काफी सुर्खियों में है क्योंकि कुछ दिनों पहले हैं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम का रिपोर्ट को लेकर पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को काफी खरी-खोटी सुनाई है
पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की रिपोर्ट मैं एनजीटी ने 2024 तक वायु प्रदूषण को 20 से 30% तक काम करने का प्रस्ताव रखा है.

NGT के प्रस्ताव के कुछ प्रमुख बातें:-

1. ट्रिब्यूनल ने कहा है कि उनका यह प्रस्ताव संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुसार जीवन का अधिकार का एक हिस्सा है.

2. ऐसे में स्वच्छ वायु ग्रहण करने का अधिकार जीने का अधिकार का हिस्सा है.

3. वायु प्रदूषण को रोकने में विफल होना जीने के अधिकार से वंचित करना है.

4. राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अनुसार वायु प्रदूषण को कम करने के लिए 10 वर्षों का लक्ष्य रखा गया.

5. इन 10 वर्षों में पहले 3 वर्षों में 35% तक वायु प्रदूषण कम करने का प्रस्ताव रखा गया था. लेकिन अभी तक वायु प्रदूषण कम करने के संदर्भ में कोई भी रिपोर्ट जारी नहीं किया गया है.

क्या है राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम?

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2019 में की गई थी जिसका मुख्य उद्देश्य देश भर में बढ़ रहे वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने का है.
इस कार्यक्रम के अनुसार 2017 को आधार वर्ष मानते हुए अगले 7 साल के लिए यानी 2024 तक PM2.5 और PM10 को 20 से 30% तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है.


3. Dark Energy ( डार्क एनर्जी )


इन दिनों डार्क एनर्जी शोध काफी चर्चा में है क्योंकि हाल ही में शोधकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने प्रत्यक्ष तौर पर डार्क एनर्जी का पता लगाया है.
XENON1T नाम का यह प्रयोग विश्व का सबसे ज्यादा संवेदनशील डार्क मैटर प्रयोग है.
यह शोध इटली की एक लैब में शोधकर्ताओं की टीम ने किया है, जिसे भूमिगत रूप में संचालित किया गया था.


क्या है डार्क एनर्जी?

डार्क एनर्जी ऊर्जा का एक ऐसा रहस्य में रूप है जो पूरे ब्रह्मांड का 68 से लेकर 70% हिस्सा है.
ब्रह्मांड में पाए जाने वाला ग्रह, चंद्रमा, तारे, यह ब्रह्मांड का कुल 5% हिस्सा ही बनाते हैं, डार्क मैटर ब्रह्मांड के निर्माण में 27% की हिस्सेदारी रखते हैं वही डार्क एनर्जी ब्रह्मांड के विस्तार में अपना मुख्य योगदान देते हैं.

डार्क एनर्जी के इस शोध ने खगोल विदो के साथ साथ भौतिक विद को भी काफी अचंभित किया.

डार्क एनर्जी से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सिद्धांत:-

1. अंतरिक्ष की संपत्ति:- अंतरिक्ष में कोई भी जगह रिक्तियां यानी खाली नहीं होता, यह एक ऊर्जा का स्वरूप होता है और हर जगह किसी न किसी रूप में एनर्जी जरूर होती है.

2. पदार्थ का क्वांटम सिद्धांत:- अंतरिक्ष किस प्रकार से ऊर्जा प्राप्त करता है इसकी पूरी व्याख्या पदार्थ के क्वांटम सिद्धांत में वर्णित है.
3. पाचवा फंडामेंटल फोर्स:- शोध के अनुसार ब्रह्मांड में कुल 4 मूलभूत शक्तियां और काल्पनिक सिद्धांतों के अनुसार पांचवी शक्ति ऐसी है जो इन चार शक्तियों के अनुसार व्याख्या में नहीं लाई जा शक्ति है.

 

अंतिम शब्द:- 


इस पोस्ट में हमने यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा 2021 के संदर्भ में महत्वपूर्ण 3 टॉपिक के ऊपर upsc short notes in hindi को प्रकाशित किया है ताकि आप के मुख्य परीक्षा के तैयारी में काफी मदद हो सके.
इस ब्लॉग पर हम निरंतर यूपीएससी, एसएससी, और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े वैकेंसी एग्जाम पैटर्न सिलेबस और बहुत सारे महत्वपूर्ण जानकारियां प्रकाशित करते रहते हैं.

यदि आप आगे भी ऐसे ही जानकारी भरें ब्लॉग पोस्ट पढ़ना चाहते है तो आप हमारे ब्लॉग के साथ जुड़े रहे.

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